अस्वीकरण: यह वेबसाइट उत्तराखंड भूलेख की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। यह एक स्वतंत्र सूचनात्मक ब्लॉग है। आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा bhulekh.uk.gov.in पर जाएँ।

उत्तराखंड भूलेख (Bhulekh UK) 2026

देवभूमि उत्तराखंड में अपनी जमीन का खसरा, खतौनी, जमाबंदी और भूमि रिकॉर्ड घर बैठे ऑनलाइन देखने की संपूर्ण और सटीक जानकारी।

भूलेख उत्तराखंड (Bhulekh Uttarakhand) क्या है?

भूलेख उत्तराखंड (Bhulekh UK) राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पहल है। देवभूमि उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी और दुर्गम है, ऐसे में राज्य के नागरिकों के लिए अपनी भूमि के दस्तावेज़ों को प्राप्त करने के लिए बार-बार तहसील या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाना एक बेहद कठिन और समय लेने वाला कार्य हुआ करता था।

इस समस्या के समाधान के लिए उत्तराखंड सरकार ने National Land Records Modernization Programme (NLRMP) के तहत भूमि रिकॉर्ड्स का पूरी तरह से डिजिटलीकरण (Digitization) कर दिया है। अब राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे इंटरनेट की मदद से अपनी जमीन का 'खसरा', 'खतौनी', और 'जमाबंदी' की पूरी जानकारी ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकता है।

इस ऑनलाइन पोर्टल का मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों में 100% पारदर्शिता (Transparency) लाना, भ्रष्टाचार को खत्म करना और आम जनता को उनकी संपत्ति के डिजिटल अधिकार सौंपना है।

पोर्टल का नाम उत्तराखंड भूलेख (Bhulekh Uttarakhand)
संचालक विभाग राजस्व बोर्ड (Board of Revenue), उत्तराखंड
लाभार्थी उत्तराखंड राज्य के सभी नागरिक एवं किसान
उपलब्ध सेवाएँ खसरा, खतौनी (RoR), जमाबंदी की नकल
आधिकारिक वेबसाइट bhulekh.uk.gov.in

Bhulekh Uttarakhand पर खतौनी/खसरा कैसे देखें?

उत्तराखंड भूलेख पोर्टल पर अपनी ज़मीन का रिकॉर्ड या खतौनी (Record of Rights) देखने की प्रक्रिया बेहद आसान बना दी गई है। इसके लिए आपको नीचे दिए गए सरल चरणों (Steps) का पालन करना होगा:

1
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ

सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में उत्तराखंड भूलेख की आधिकारिक वेबसाइट http://bhulekh.uk.gov.in/ को खोलें।

2
पब्लिक ROR (खतौनी) का चयन करें

वेबसाइट के होमपेज पर जाते ही आपको "Public ROR" या "खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नक़ल देखें" का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करें।

3
जनपद, तहसील और ग्राम चुनें

अब स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा। यहाँ सबसे पहले बाईं ओर से अपना जनपद (District) चुनें। इसके बाद अपनी तहसील (Tehsil) का चयन करें और फिर अपने ग्राम (Village) के नाम पर क्लिक करें। (आप अपने गाँव का पहला अक्षर टाइप करके भी उसे आसानी से खोज सकते हैं)।

4
खोजने का आधार चुनें

ग्राम चुनने के बाद आपके सामने ज़मीन खोजने के कई विकल्प आएँगे। आप निम्न में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं:

  • खाता संख्या द्वारा (By Khata Number)
  • खसरा/गाटा संख्या द्वारा (By Khasra Number)
  • खातेदार के नाम द्वारा (By Owner's Name)
5
उद्धरण देखें (View Extract)

अपनी जानकारी (जैसे खसरा नंबर) भरने के बाद "खोजें" (Search) बटन पर क्लिक करें। आपका खाता नंबर सूची में दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें और फिर "उद्धरण देखें" (View ROR Extract) वाले बटन पर क्लिक करें।

6
खतौनी डाउनलोड या प्रिंट करें

अब आपके सामने आपकी भूमि से संबंधित सभी जानकारी (मालिक का नाम, ज़मीन का क्षेत्रफल, वर्ष आदि) स्क्रीन पर आ जाएगी। आप इसे भविष्य के लिए Save as PDF कर सकते हैं या इसका Printout भी निकाल सकते हैं।

नोट: यह ऑनलाइन खतौनी केवल सूचना (Information) के उद्देश्य से है। यदि आपको बैंक लोन या किसी कानूनी कार्य के लिए इसे इस्तेमाल करना है, तो आपको इसकी प्रमाणित प्रति (Certified Copy) तहसील से या जन सेवा केंद्र (CSC) से प्राप्त करनी होगी।

📱 Bhulekh Uttarakhand Mobile App

उत्तराखंड सरकार ने नागरिकों की सुविधा को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए 'भूलेख उत्तराखंड ऐप' भी लॉन्च किया है। यह एक शानदार डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो एंड्रॉइड स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है।

इस ऐप के माध्यम से किसान, ज़मीन मालिक और अन्य उपयोगकर्ता सीधे अपने फोन से अपनी भूमि की स्थिति, स्वामित्व (Ownership), और अन्य कानूनी जानकारी कभी भी और कहीं भी प्राप्त कर सकते हैं। यह ऐप उन लोगों के लिए वरदान है जिनके पास कंप्यूटर या लैपटॉप की सुविधा नहीं है।

उत्तराखंड भूलेख पोर्टल के मुख्य लाभ

उत्तराखंड के जिले जहाँ भूलेख सेवा उपलब्ध है

वर्तमान में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों (Districts) का भूमि रिकॉर्ड (Land Records) पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है। आप नीचे दिए गए किसी भी जिले की जानकारी पोर्टल पर देख सकते हैं:

अल्मोड़ा (Almora)
बागेश्वर (Bageshwar)
चमोली (Chamoli)
चंपावत (Champawat)
देहरादून (Dehradun)
हरिद्वार (Haridwar)
नैनीताल (Nainital)
पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal)
पिथौरागढ़ (Pithoragarh)
रुद्रप्रयाग (Rudraprayag)
टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal)
उधम सिंह नगर (US Nagar)
उत्तरकाशी (Uttarkashi)

सामान्य प्रश्न (FAQs) - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या इस भूलेख उत्तराखंड पोर्टल पर खतौनी और खसरा दोनों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है?
हाँ, बिलकुल। भूलेख उत्तराखंड पोर्टल (bhulekh.uk.gov.in) पर आप खतौनी (RoR), खसरा, जमाबंदी और अपनी भूमि से संबंधित अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
2. अगर भूलेख पोर्टल पर मेरी ज़मीन की जानकारी गलत है, तो क्या करना चाहिए?
यदि पोर्टल पर प्रदर्शित भूमि रिकॉर्ड्स (जैसे नाम की स्पेलिंग, क्षेत्रफल या खाता संख्या) में कोई गलती है, तो आपको अपने संबंधित 'तहसील कार्यालय' या पटवारी से संपर्क करना चाहिए। आप आवश्यक सुधार (Correction) के लिए वहां एक लिखित आवेदन दे सकते हैं, जिसे सत्यापन के बाद ऑनलाइन अपडेट कर दिया जाएगा।
3. क्या भूलेख पोर्टल से निकाला गया प्रिंटआउट कानूनी रूप से मान्य है?
पोर्टल से निकाला गया साधारण प्रिंटआउट केवल 'सूचना के उद्देश्य' (Informational Purpose) के लिए होता है। कोर्ट कचहरी या बैंक लोन जैसे कानूनी कार्यों के लिए आपको डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रमाणित प्रति (Certified Copy) जन सेवा केंद्र (CSC) या तहसील से प्राप्त करनी होगी।
4. क्या भूलेख पोर्टल पर उत्तराखंड के सभी जिलों की जानकारी उपलब्ध है?
हाँ, उत्तराखंड राज्य के सभी 13 जिलों (गढ़वाल और कुमाऊं मंडल दोनों) का डेटा इस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
5. क्या यह भूलेख पोर्टल मोबाइल पर भी काम करता है?
जी हाँ, यह वेबसाइट पूरी तरह से मोबाइल-फ्रेंडली (Responsive) है। आप इसे अपने स्मार्टफोन के किसी भी ब्राउज़र (जैसे Google Chrome) पर खोल सकते हैं। इसके अलावा आप 'Bhulekh Uttarakhand App' भी डाउनलोड कर सकते हैं।

आधिकारिक संपर्क एवं सहायता (Helpline)

यदि आपको पोर्टल का उपयोग करने में कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो आप उत्तराखंड राजस्व बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं:

☎ 0135-2669415

कार्यालय का पता: राजस्व बोर्ड, राजस्व परिषद, देहरादून, उत्तराखंड

पिन कोड: 248001

निष्कर्ष (Conclusion)

भूलेख उत्तराखंड (Bhulekh UK) एक अत्यंत अत्याधुनिक और उपयोगी प्रणाली है, जो देवभूमि के नागरिकों को उनकी भूमि से संबंधित सभी जानकारी को पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। इस डिजिटल सुविधा ने न केवल भूमि रिकॉर्ड्स की जानकारी प्राप्त करने को बहुत ही आसान बनाया है, बल्कि भूमि विवादों को कम करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उत्तराखंड के नागरिक अब बिना किसी परेशानी के अपने भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं, जो की राज्य में 'डिजिटल इंडिया' की प्रगति की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।

Related Articles

⬅ Previous Article
bhulekh mp
Next Article ➡
pmayg nic in